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Computer Notes in Hindi For All Competitive Exams

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कंप्यूटर बेसिक नॉलेज इन हिंदी

basic computer notes for students:- नमस्कार मेरे साथियो आज हम आपके लिए कंप्यूटर नोट्स इन हिंदी, Computer Notes in Hindi के बेस्ट हस्तलिखित नोट्स उपलब्ध करवाने जा रहे है। Computer Notes Notes, Computer Notes Book, Computer Handwritten Notes For SSC यह शानदार नोट्स आपके लिए सरकारी एग्जाम में कंप्यूटर विषय में अच्छे अंक प्राप्त करने में आपका सहयोग करेगी। Computer Notes in Hindi, Computer Handwritten Notes in Hindiस हस्तलिखित लेख में कंप्यूटर विषय के बहुत ही महत्वपूर्ण बिन्दुओ का अध्ययन करवाया गया है। तथा इस Computer Notes in Hindi में Computer Question and Answer का समवेश भी क्या गया है जिस से आपको और ज्यादा मदद मिलेगी

कंप्यूटर का पूरा इतिहास 

Complete Computer Handwritten Notes For IBPS :- ये सभी नोट्स आपके सभी आगामी एक्साम्स जैसे – UPSC/  UPSSC/SSC (MTS/CHSL/CGL), SSC GD/ RAILWAY/NTPC/ POLICE/ RRB/IAS/RAS/ STATE PCS/PATWAR/ BANK PO/RPSC/GRAM SEVAK आदि परीक्षाओ में आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा। Basic Computer Notes for Students In Hindi, Computer Notes in Hindi इन सभी Notes और Handwritten लेख को बड़ी ही आसानी के एक क्लिक करके पढ़ सकते है और इसके आलावा सभी विषयो जैसे – English, History, Maths, Hindi, Computer, World History,  Social Science, General Science, Reasoning, Geography, Current Affairs, Polity, Art and Culture,  Economics आदि के नोट्स और Computer Networking Notes को हमेशा के लिए अपने पास सुरक्षित कर सकते  है। 

कंप्यूटर का पूरा इतिहास हिंदी में (Complete History of Computer in Hindi)

आज कंप्यूटर के बारे में कोण नहीं जानता सब जानते है पर क्या आपका पता है की कंप्यूटर का इतिहास आज से लगभग ३०० वर्ष पुराना हो चूका है। मुख्य रूप क्या अगर देखा जाये तो कंप्यूटर का विकास गणितज्ञ गणनाओ को करने के लिए किया गया था। अगर हम कंप्यूटर का इतिहास उठा कर देखते है तो पता चलेगा की कंप्यूटर का विकास इतनी आसानी था। इसके  ही कठोर प्रयास और सालो की मेहनत लगी है। इतना सब होने के के बाद कही जाकर कंप्यूटर का वकास सम्भव हो पाया है यह एक बहुत लम्बी प्रक्रिया है।

Complete History of Computer (कंप्यूटर का पूरा इतिहास )

इन प्रणालियों में यूनानी प्रणाली, बेबीलोनियन प्रणाली, रोमन प्रणाली और फिर भारतीय प्रणाली, परन्तु इन सब में भारतीय प्रणाली को स्वीकार किया गया था। गणितज्ञ आर्यभठ्ठ और भारत के प्राचीन विख्यात खगोल शास्त्री ने दशमलव प्रणाली (Decimal System) का विकास किया यह प्रणाली में 0-9 संख्याकरण की आधुनिक दशमलव प्रणाली का आधार माना गया है और इसी के साथ 0 -1 जो की बाइनरी नंबर प्रणाली है का सबसे पहले ज्ञात विवरण को प्रस्तुत किया गया था कम्प्यूटर की संरचना के लिए मुख्य रूप से (0 -1) इन्ही 2 नंबरों का सबसे पहले प्रयोग किया गया था।

Computer Notes for Competitive Exams 

आप आप इस बात को बहुत अच्छी तरह से सोच और समझ सकते है की भारतीय गणितज्ञ आर्यभट ने अगर दशमलव प्रणाली का विकाश नहीं किया होता तो आज हम कंप्यूटर के माध्यम से जो कार्य कर रहे है या वो कुछ बह नहीं कर पाते।  आज हूं कंप्यूटर पर मूवी देख सकते है। ईंटरनेट का प्रयोग करके Online बिज़नेस करना शॉपिंग करना मनोरंजन करना वो सं नामुमकिन था शायद आपको पता नहीं होगा की कंप्यूटर का निर्माण होने के बहुत पहले से ही इस शब्द का प्रयोग होने लगा था।

उस समय में यांत्रिक उपकरणों का संचालन करने वाल विशेषज्ञ मनुष्य को ही कंप्यूटर नाम से पुकारा जाता था।  बाद में वक़्त बदला और वक्त्त के बदलने के साथ ही अनेको प्रकार ने नए नए आविष्कार हुए और भी कई तरह के बदलाव भी हुए और अनेको प्रकार के सुधार भी किये गए।  बहुत समय के बाद और सुधार और मेहनत के बाद कही जाकर  आधुनिक कंप्यूटर का निर्माण हो पाया है  मॉर्डन कंप्यूटर के नाम से भी जानते है तथा इसको हम “कंप्यूटर के इतिहास” के रूप में जाना जाता है।

अबेकस का अविष्कार तथा कंप्यूटर का इतिहास (The invention of the abacus and the history of the computer)

History of Computer – अगर हम कंप्यूटर का इतिहास देखेंगे तो हमें यह बहुत ही अच्छे से समझ में आ जायेगा की हम मनुष्यो के लिए सुरुवात से ही गणितीय की गणना का बहुत की मुश्किल कार्य रहा है हमे इसको करने में बहुत ही कठनाई होती है उसी वक़्त हमे यह महसूस हुआ की हमे एक ऐसा मशीन चाहिए जिस से हम आसानी से गणितीय गणनाओ को आसानी से कर पाए हमे ऐसे मशीने की जरुआत महसूस हुई। सबसे पहली मेकेनिकल गणना करने वाली मशीन अबाकस(ABACUS) ही थी।  जिसके माध्यम से मेकेनिकल गणना की जाने लगी थी। इसी मशीन की सहायता से हम बड़ी बड़ी संख्या तथा आंकड़ों की गणना करना भी संभव हो गया था और ये ही नहीं हम अंकगणित आदि के गणना करने में भी सक्षम हो गए थे।

Computer Notes in Hindi For All Government Exams

लगभग 5000 वर्ष पूर्व चीन में ये अविष्कार किया गया था इस मशीन में संख्या का प्रतिनिधत्व करने करने लिए मोतियों और उसके साथ छड़ का प्रयोग भी किया गया था ताकि गणना करने में आसानी हो सके।  इस अबाकस मशीन में गणना की प्रक्रिया मोतियों को छड़ से फिसलने के माध्यम से ही किया जाता था इसक आधार पर गणना की जाती थी। ये तो संभव हो गया था परन्तु विभाजन का कार्य और गुणा करने का कार्य करने में अबाकस सक्षम नहीं था।  कंप्यूटर के विकास के क्रम का यह भी एक हिस्सा है परन्तु इतना जरूर है की अबाकस के आविष्कार ने कंप्यूटर के विकास होने का आगाज कर दिया था।

नेपियर बोनस का विकास तथा कंप्यूटर का इतिहास (The Evolution of the Napier Bonus and the History of Computers)

सर जॉन नेपियर ने 1616 में  गणना करने वाला एक उपकरण बनाया। और स उपकरण को  नैपियर बोन्स  का नाम दिया गया था  में Addition(जोड़), Division (भाग),  Multiplication (गुणा), Subtraction (घटाना) ये सभी प्रकार के कार्य बहुत ही आसानी से किया जा सकते थे। सर जॉन नेपियर का कंप्यूटर के विकास में तथा नेपियर बोन्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा था।

Screen Shot लेने के तरीके

Computer में Screen Shot लेने के कोनसे कोनसे तरीके होते है क्या आप जानते है अगर नहीं तो आज हम आपको बता रहे है की कैसे लेते है ।

  1. सबसे पहले आपको कंप्यूटर के कीबोर्ड पर Print Screen Key को ढूँढना है उसके बाद आपको Print Screen Key को एक बार प्रेस करना है। Print Screen Key को Press करने के बाद आपको MS Paint या फिर MS Word को ओपन करना ओपन करना के बाद में आपको फाइल में Paste कर देना है। बस हो गया आपको Print Screen ।
  2. इसके आलावा Window 7 , 8 , 10 में Print Screen लेने के लिए बेहद ही आसान तरीका दिया हुआ है। अगर आपके पास इनमे से कोई Window है तो ये तरीका आपके लिए है। इसमें सबसे पहले आपको Start Button पर Click करके Snipping tool को सर्च करके उसके ऊपर Click करना है। और फिर जिसका जितना Screen Shot लेना है उस पर जाकर के Crop करना होगा. उसके बाद आप उस फाइल को Save कर लीजिये ।
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