fbpx

Fort of Rajasthan | राजस्थान के प्रमुख दुर्ग {Pdfgovtexam}

0

राजस्थान के प्रमुख किलो की जानकारी 

Rajasthan Forts History:- मित्रो आज एक बहुत ही इंटरेस्टिंग टॉपिक पर बात करने वाले है। Biggest Fort in Rajasthan, Oldest Fort in Rajasthan, Total Forts in Rajasthan, Oldest Fort in Rajasthan, Famous Fort in Rajasthan दोस्तों आज हम ज्यादा तो नहीं परन्तु कुछ शब्दों में आपको राजस्थान का सबसे प्राचीन दुर्ग, राजस्थान के दुर्ग नोट्स, राजस्थान का सबसे नवीन दुर्ग, राजस्थान के दुर्ग , All Fort of Rajasthan, List of Forts in Rajasthan, Forts in Rajasthan List, a Famous Fort of Rajasthan, Largest Fort in Rajasthan, How Many Forts are There in Rajasthan, राजस्थान के प्रमुख किले कौन-कौन से हैं के बारे में जानकारी देंगे। जो आपके GK या History के paper के लिए उपयोगी साबित होगी ।

Largest Fort in Rajasthan:- इस पोस्ट में हम आपको यह बताएँगे की राजस्थान के मुख्य मुख्य किले कोनसे थे जहा पर कुछ खाश हुआ था या फिर वहा कुछ खाश है जैसे की जयपुर में कोनसे प्रमुख दुर्ग है, जोधपुर में कोनसे प्रमुख दुर्ग है राजस्थान के प्रमुख दुर्गो की सूचि, Hill Forts of Rajasthan in hindi, राजस्थान के प्रमुख दुर्ग कोनसे कोनसे है और कहा कहा पर है राजस्थान के प्रमुख किलो के बारे में हम आपको कुछ शब्दों या फिर ऐसा कहे की शंशिप्त में जानकारी देंगे। अगर आपको इनकी सम्पूर्ण जानकारी की चाहिए तो आप कमेंट करने बता दीजियेगा  हम उसकी ब्लॉग बनाकर आपके लिए पोस्ट कर देंगे।

 

Click here to Download

Other Important PDFs

Maths Free PDF > Click Here To Download English PDF > Click Here To Download
GK Free PDF > Click Here To Download  Reasoning Free PDF > Click Here To Download
GS Free PDF > Click Here To Download  History Free PDF > Click Here To Download
Computer PDF  > Click Here To Download  Geography Free PDF > Click H

राजस्थान के प्रमुख किले कोनसे कोनसे है और कहा कहा पर है 

राजस्थान के प्रमुख किलो का जानकारी

(1) सज्जनगढ़ का किला :-
  • सज्जनगढ़ के किले को महाराजा सज्जन सिंह ने बनवाया था ।
  • राजस्थान के सज्जनगढ़ के किले को उदयपुर के मुकुटमणि भी कहते है ।
  • महाराजा सज्जन सिंह ने इस किले का निर्माण बांसदरा नाम के पहाड़ी करवाया है ।
(2) नीमराना का किला :-
  • नीमराना का किला राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है और ऐसा माना गया है की यह किला लगभग 555 वर्षो पहले बना हुआ है ।
  • नीमराना का किला पांच मंजिला दुर्ग है इस लिए इस किले को पंचमहल के नाम से भी जाना और पहचाना जाता है ।
(3) मेग्जीन का किला :-
  • मेग्जीन के किले का निर्माण संन 1571 – 1572 में मुग़ल बादशाह अकबर के द्वाराकरवाया गया था ।
  • इस किले में वर्तमान में राजपूतना म्यूज़ीयम बना हुआ है ।
  • अकबर का दौलतखाना , अकबर का किला आदि नामो से भी मेग्जीन के किले को जाना जाता है ।
(4) भटनेर का दुर्ग:-
  • इस विशाल किले का निर्माण भाटी नरेश भूपत के द्वारा करवाया गया था ।
  • भटनेर के किले को अनेको नामो से भी जाना जाता है जैसे की – हनुमानगढ़ , उतर भड़ किवाड़  और उतरी सीमा का प्रहरी ।
  • अगर इसका इतिहास देखा जाये तो भटनेर के किले पर सबसे सधिक विदेशी आक्रमण हुए है ।
(5) कुचामन का किला :-
  • इस ऊँची पहाड़ी पर बसने भव्य और विशाल किले का निर्माण मेड़तिया शासक जालिम सिंह के ने करवाया था ।
  • राजस्थान के कुचामन के किले को जागीदारो के लिखे का सिरमोर के नाम से भी जाना जाता है ।
(6) सिवाना का किला :-
  • राजस्थान के सिवाना किले का निर्माण वीरनारायण पंवार ने करवाया था ।
  • सिवाना किले को भी भिन्न भिन्न नामो से जाना जाता है जैसे की खैराबाद , जालोर दुर्ग की कुंजी , इसे मारवाड़ के राजाओ की शरणस्थली आदि ।
(7) आमेर का किला :-
  • इस विशाल किले (आमेर का किला ) को महाराजा कोकिल देव के द्वारा निर्माण करवाया गया था तथा बाद में इसी किले का फिर से पुनर्निर्माण  महाराजा मानसिंघ के द्वारा करवाया गया था ।
  • आमेर का किला जो राजस्थान के जयपुर जिले में ऊँची पहाड़ियों ओर बना हुआ है ।
  • इस किले को आमेर का दुर्ग , अम्बावती नजरि , अम्ब्रीशपुरी इन नमो से भी विख्यात है और जाना जाता है ।
  • इस किले में बाहत ही शानदार शीश महल , बहुत ही आकर्षक और भक्तो के लिए शिलादेवी का मंदिर, सुहाग मंदिर, केसर क्यारी , भूल भुलैया , मावठा झील , दीवाने आम और दीवाने खास आदि बहुत की शानदार बने हुए है ।
(8) अचलगढ़ का किला :-
  • अचलगढ़ के किले पुनर्निर्माण राणा सांगा ने करवाया था यह किला भी बहुत भव्य और काफी ऊँचे पहाड़ पर बना हुआ है ।
  • इस किले के भीतर ओखारानी का महल बना हुआ है जो बहुत अच्छा है , अचलेश्वर महादेव का मंदिर भी बना हुआ है , कपूर सागर तालाब भी बना हुआ है , और सावन भादो झील भी बानी हुई है जो बहुत ही आकृषक है यह सभी इसी दुर्ग में स्थित है ।
(9) बूंदी का किला :-
  • बंदी के किले के निर्माता देवीसिंह हाडा थे उन्होंने ही किले को बनवाया था।
  • तारागढ़ /तिलस्मी किल आदि नमो से भी बूंदी के किले को जाना जाता है।
  • इस किले के बारे में रुडयार्ड ने कहा है की – ये किला इंसानो ने नहीं बल्कि प्रेतों ने बनाया है।
(10) मेहरानगढ़ का किला :-
  • यह किला राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित है और यह किला बहुत ही ऊँचे पहाड़ पर बना हुआ है और इस किले को राव जोधा ने बनवाया था।
  • इअसा कहा जाता है की इस  किले में नर बलि दी गयी है जिनका नाम राजाराम खेड़ला था।
  • मेहरानगढ़ किले के बार में रुडयार्ड क्लिपिंग ने कहा था की इस किले को शायद परियो और फ़रिश्तो ने इसका निर्माण किया है।
  • जोधपुर जिले के इस मेहरानगढ़ किले में चिड़िया ट्रंक , मदुर ध्वजगढ़ , गढ़ चिंतामणि , सूर्यगढ़ , कागमुखी आदि भिन्न भिन्न नमो से भी पहचाना जाता है।
(11) भेसरोड़गढ़ किला  :-
  • भेसरोड़गढ़ के किले का निर्माण या निर्माता भेंशाशाह नामक व्यापारी और रोड़ा चारण थे ।
  • यह किला (भेसरोड़गढ़) चम्बल में बामनी नदी के मुहाने पर बना हुआ है।
  •  भेसरोड़गढ़ का किला एक जल दुर्ग है ।
  • इस किले किले जो राजस्थान का वेल्लोर के नाम से भी जाना जाता है।
(12) तारागढ़ का किला  :-
  • तारागढ़के के किले को अजयराज चौहान के द्वारा 1113 में निर्माण करवाया गया था।
  • सबसे जयदा स्थानीय आक्रमण तारागढ़ के किले पर ही हुए थे।
  • विशप हेबर ने तारागढ़ किले को राजस्थान का जिब्राल्टर का नाम दिया था या खा था।
  • इस दुर्ग के भीतर घोड़े की मजार, मीरां साहब की दरगाह, रूठी रानी उमादि के छतरी, पृथ्वीराज स्मारक आदि बहुत ही भव्य और दिखने में आक्रषक बने हुए है।
  • तारागढ़ दुर्ग को राजस्थान का हृदय , राजपुताना की कुंजी , गढ़ बिठली , अजयमेरु दुर्ग जैसे नामो से सम्बोधित किया गया है।
(13) नाहरगढ़ का किला :-
  • नाहरगढ़ के किले के निर्माता सवाई जयसिंघ थे और उन्होंने यह किला 1734 में बनवाया था।
  • इस किले में माधोसिंह ने अपनी 9 रानियों के लिए नो महल ” विक्टोरिया शैली ” में निर्माण करवाए थे।
  • नाहरगह दुर्ग को सुदर्शनगढ़ , सुलक्षण दुर्ग और महलो का दुर्ग आदि नामो से सम्बोधित किया जाता है।
(14) कुम्भलगढ़ का किला :-
  • कुम्भलगढ़  के किले के निर्माता महाराणा कुम्भा है। 
  • इस (कुम्भलगढ़ )किले का वास्तुकार मंडन थे।
  • इस किले की दीवारे इतनी ज्यादा चोड़ी (बीच में जगह) है की चार घुड़सवार साथ साथ में जा सकते है।
  • “ऐट्राइस्कॉन” नाम कि उपाधी इस किले का इतनासुदृढ़ बना होएके कारण कर्नल टॉड ने दी थी।
  • इसी किले में 1540 में महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था।
  • कुम्भलगढ़ किले को कमलमीर, मच्छेंद्र , और कुम्भपुर इन नामो से भी जाना जाता है।
(15) चोमू का किला :-
  • चोमू के दुर्ग के निर्माता ठाकुर कर्णसिंह है  और उन्होंने इस किले का निर्माण 1559 में करवाया था ।
  • चौमुहागढ़, सहमति दुर्ग, धाराधारगढ़ रघुनाथगढ़ आदि नामो से भी चोमू के किले को जाना जाता है।
(16) जयगढ़ का किला :-
  1. जयगढ़ का किला जयपुर में स्थित है और इस किले का का निर्माण मानसिंघ ने करवाया था तथा इसका पुनः निर्माण जयसिंघ ने करवाया था ।
  2. यह भारत का एकमात्र किला है जिसम तोप ढालने एशिया का सबसे बड़ा और विशाल कारखाना बना हुआ था ।
  3. जयगढ़ दुर्ग में एशिया की सबसे बड़ी तोप जिसका नाम “जयबाण” है राखी हुई है।
(17) लालगढ़ का किला :-
  • लालगढ़ किले का निर्माण गंगासिंह ने के द्वारा करवाया गया था ।
  • गंगासिंह में अपने पिता लालसिंह की स्मृति में लालगढ़ किले का निर्माण करवाया था ।
(18) चित्तौड़गढ़ का किला :-
  • इस भव्य और विशाल किले का निर्माण चित्रागंद मौर्य ने करवाया था 8 वी सदी में ।
  • चित्तौड़गढ़ का किला राज्य का सबसे बड़ा “लिविंग फोर्ट” मन जाता है।
  • यह किला एकमात्र ऐसा किला है जिस किले में खेती भी करी जाती है।
  • चित्तौड़गढ़ किले पर सबसे पहला यानी प्रथम आक्रमण अफगानिस्तान के सूबेदार मामू के द्वारा किया गया था।
  • इस किले में 1303, 1534 और 1568 में (3 शाके) हुए थे।
  • चित्तौड़गढ़ किले क अकार व्हेल मछली के आकार के समाना बना हुआ है ।
  • इस किले में मीरा का मंदिर, कुम्भ श्याम मंदिर, तुलजा भवानी माता का मंदिर, रैदास और कल्ला की छतरी, जयमल और पद्मीनी के महल नवलखा भंडार, श्रृंगार चवरी, गोमुख कुंड, भीम कुंड, कलिका माता मंदिर आदि आकर्षक मनमोहक और भव्य और शानदार बने हुए है।
(19) कोषवर्द्धन किला :-
  • कोषवर्द्धन किले को शेरगढ़ का किला भी कहा जाता है। 
  • परवान नदी के तट पर कोषवर्द्धन किला बना हुआ है। 
(20) गागरोन किला :-
  • डोडा राजपूत ( परमार ) ने इस किले का निर्माण करवाया था।
  • गागरोन का किला कालीसिंघ और आहु नदी के संगम पर बना है।
  • यह किला राज्य का एकमात्र ऐसा किला है जिसकी नीव नहीं दी गयी है और साथ ही पहाड़ (चट्टान) पर बना हुआ है।
  • इस किले में संत मीठेशाह तथा संत पीपा जी की छतरी आदि बानी हुई है।
  •  गागरोन के किले को दोड़गढ़/गरगरापुर /धूलागढ़ आदि नामो से भी जाना पहचाना जाता है।
(21) बाला किला :-
  • बाला किले का निर्माण हसन खान मेवाती ने के द्वारा करवाया गया है।
  • इस किले को अलवर का किला और बड़ा किला इस प्रकार के नामो से भी जाना जाता है।
  • इतिहास में ऐसा बाय गया है की इस किले में अकबर एक रात के रुका था।
(22) नागौर का किला :-
  • नागौर के किले का निर्माता सामेष्वर के सामन्तर केमास को माना गया है जो संवत 1211 में बनवाया गया था।
  • 1570 में अकबर ने नागौर दरबार यही पर लगाया था ।
  • इस किले के अन्य नाम भी है जैसे की – नागाणा दुर्ग और अहिछत्रपुर दुर्ग।
(23) चूरू का किला :-
  • चूरू का किला ठाकुर खुशाल सिंह के द्वारा निर्माण करवाया गया करवाया गया था 1739 में।
  • इतिहास में दर्ज है की इस किले के ठाकुरो ने अपनी रक्षा करने के लिए अपने शत्रुओ पर चंडी के गोले दागे थे।
(24) कंकवादी किला :-
  • इस किले में ओरंगजेब ने अपने भाई दाराशिकोह को कैद करके रखा हुआ था। 
(25) रणथम्भोर का किला :-
  • रणथम्भोर किले के निर्माता छथि शताब्दी में हुए ठाकुर रति देव थे।
  • इस किले को अंडाकार आकृति में बनवाया गया है।
  • विख्यात जल जोहर रणथम्भोर के किले में 1301 में रानी रंगदेवी के नेतृत्व में हुआ था।
  • “अन्य सब दुर्ग तो नंगे है जबकि यह दुर्ग तो बखतरबंद है” इस लाइन को रणथम्बोर किले के बारे में अब्दुल फजल ने कहा था।
  • इस दुर्ग में 32 खाभो की छतरी भी बनी हुई है जो बहुत ही आकृषक है और यहाँ पर त्रिनेत्र गणेशजी का मंदिर भी बना हुआ है।
  • रणथम्भोर के दुर्ग को दुर्गाधिराज , हमीर का  आन-बान आदि जैसे भिन्न भिन्न नामो से भी जाना जाता है।
(26) जूनागढ़ किला :-
  • जूनागढ़ का राजस्थान के बीकानेर जिले में बना हुआ है तथा इसको महाराजा रायसिंघ ने सं 1588 में बनवाया / निर्माण करवाया था।
  • इस किले को कुछ और नामो जैसे -जमीन का जेवर बीकानेर का कील अन्य नमो से भी जाना जाता है।
  • इस किले को चतुर्भुजाकार / चतुष्कोणीय आकार में बनाया गया है।
  • जूनागढ़ किले में एक भी शाका नहीं हुआ है।

Study Material PDF for all Government Exams

GK / सामान्य ज्ञान
Other Links

दोस्तों अगर हमसे इस पोस्ट या पोस्ट में लिखे हुए कंटेंट मेंकोई कमी या गलती रह गयी है तो हमें अमर मेल इस या कमेंट बॉक्स के माध्यम से सूचित करे हम उसमे सुधार कर देंगे ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.