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India Gk Handwritten Notes In Hindi | भारत के सामान्य ज्ञान की सम्पूर्ण जानकारी

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Most Important India Gk in Hindi Questions 

India GK In Hindi Notes 2021:- हेलो दोस्तों नमस्कार, दोस्तों तैयार हो जाइये आज GK Hindi Question Answer Notes for Competitive Exam, India Gk Handwritten Notes In Hindi For Competitive Exams, भारत का सामान्य ज्ञान 2021 Notes के शानदार और धाकड़ नोट्स पढ़ने के लिए ये India Gk Handwritten Notes, GK Handwritten Notes In Hindi आपके लिए संग्रह करके आज हमने पोस्ट किये है ताकि आपको भारत के सामान्य ज्ञान का सम्पूर्ण ज्ञान प्राप्त हो सके और आपके Knowledge में जो भी कमी रह गयी है उसकी पूर्ति हो सके। आप और अधिक नोट्स के लिए हमारी वेबसाइट पर आ सकते है हम समय समय पर आपकी जरूरतों और सरकारी वेकेंसियों को ध्यान में रखकर आपक तक ये साड़ी जानकारी हमारी वेबसाइट के जरिये आप तक पहुंचाते रहते है । 

General Knowledge Questions And Answers In Hindi 

GK Hindi Question Answer Notes For SSC:-म आशा करते है आप आप और आपका परिवार इस महामारी में सकुशल होंगे। दोस्तों आज सामान्य ज्ञान के प्रश्न Notes, GK Question In Hindi Notes, GK Hanwritten Notes In Hindi, Best GK Hindi Questions Notes for UPSC था अन्य नोकरियो में पूछे जाने वाले प्रश्न उत्तर और भारत का सम्पूर्ण जनरल नॉलेज के बारे काफी सारे सवाल पूछे जाते है जो आपके लिए उसका जानना बहुत जरुरी है इस लिए हमने नोट्स के साथ साथ भारतीय राजनीती के बारे के भी कुछ हस्तलिखत नोट्स तैयार किये है जो आपके लिए Useful हो सकते है और हम आपको इस बार से भी अवगत करवाना चाहते है की आप GK के अलावा अन्य विषय के नोट्स भी यहाँ से ले सकते है पढ़ सकते है ।

GK Question Answer in Hindi | India GK In Hindi 2020

 

India Gk Handwritten Notes In Hindi | भारत के सामान्य ज्ञान की सम्पूर्ण जानकारी

General Knowledge 2021 || GK Notes In Hindi 2021

Best India GK Notes और GK 2020 Notes के आज के इस लेख के Notes में हमने भारतीय राजनीती की सुरुवात कहा से हुई कैसे हुई तथा कोनसे कोनसे प्रधानमंत्री बने को उन्हने कितने वर्षो तक अपना कार्यकाल चलाया और किस्क्को बहुमत मिला और किसको नहीं मिला इन सब के बारे में आपके लिए हस्तलिखित नोट्स बनाये है जिसमे आपके लिए बहुत सारी ऐसी काम की इनफार्मेशन बिंदुवार बनायीं है जो सायद आपको पता नहीं होगी जो आज इस आर्टिकल में माध्यम से आप तक पंहुचा रहे है तो अब आप GK in Hindi Handwritten Notes, GK Book in Hindi इनको ध्यान से पढ़िए ।

भारतीय राजनीति (Indian politics)

Parliament House of India (भारत का संसद भवन)

  • जैसा की आप सब जानते है की भारत (इंडिया) विश्व (वर्ल्ड ) का सबसे बड़ा लोकतंत्रक देश है भारत देश में इस बहुदलीय प्रणाली के इस संसदीय भारत गणराज्य में मान्यता प्राप्त कुल मिलाकर 6 राष्ट्रीय पार्टिया शामिल की गयी है और लगभग 40 से भी अधिक क्षेत्रीय पार्टियों को शामिल किया गया है या फिर हम यह कह सकते है की 40 से भी अधिक राष्ट्रीय पार्टिया है। भारतीय जनता पार्टी जिनकी आज केंद्र में सरकार बनी हुई है और इनके प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी है भाजपा जिनकी नीतियों को केंद्रीय दक्षिणपंथी या फिर यह कहे की रूढ़िवादी नीतियों के रूप में माना जाता है। अगर पार्टियों की बात करे तो अन्य पार्टियों में सबसे बड़ी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जिसको हम कांग्रेस पार्टी के नाम से भी जानते है। कांग्रेस पार्टी को हमारे देश भारत के भारतीय राजनीती में केंद्र वामपंथी तथा उदार पार्टियों के रूप में माना जाता है।

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  • सभी को ज्ञान है की 2004 से 2014 तक केंद्र सरकार में श्रीमान मनमोहन सिंह जी प्रधानमत्री रहे तथा केंद्र मनमोहन सिंह सरकार या ये कहे की कंग्रेस में मनमोहन सिंह केंद्र में गठबंधन सरकार का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा बने ये कांग्रेस पार्टी का बड़ा हिंसा बने। संन 1950 में भारत गणराज्य के रूप में घोषित हुआ था और इस वजह से संन 1980 के अंत तक संसद में कोंग्रेश पार्टी का निरंतर और भरी बहमत रहा था और तभी से राजनीती में बीजेपी यानि की भाजपा तथा कांग्रेस दोनों पार्टियों को दूसरी और भी अन्य पार्टियों के साथ में अपनी सत्ता को बाँटना पड़ गया था। तथा 1989 के अंत से अन्य पार्टियों के उदय हो जाने से केंद्र सरकारों में गठबंधन के नये नये दौर शरू हो गए थे।

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  • जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व और सरक्षण में सन 1951 -1952 तथा 1957 – 1962 में भारत गणराज्य में पहले तीन चुनावों में बहुत ही आसानी से जीत हासिल हुई थी। इसके पश्चात् संन 1964 में जवाहरलाल नेहरू का स्वर्गवास हो गया और उनकी मृत्यु के पश्चात लाल बहादुर शास्त्री थोड़े समय के प्रधानंत्री बन गए और 1966 में उनकी खुद की मृत्यु की बाद में नयी प्रधानमन्त्री इंदिरा गाँधी बानी। संन 1967 तथा 1971 में हुए चुनावो में हुई जीत के बाद में सन 1971 में चुनाव हुई और उस चुनाव में उनको विजय प्राप्त नहीं हुई और वो चुनाव हार गयी। जब इंदिरा गाँधी सन 1975 में प्रधानमंत्री के पद पर थी तब उस समय प्रधानमन्त्री इंदिरा गाँधी ने शास्त्रीय आपातकाल की घोषणा की गयी।

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  • इस घोषणा के करने से  तथा इस घोषणा से आम लोगो की नारजगी के चलते 1977 के चुनाव में कांग्रेस को उस समय भाजपा का उदय हुआ ही था वह नयी पार्टी बानी ही थी इसके द्वारा कांग्रेस को हार का सामना करना पद गया और कांग्रेस चुनाव हार गयी। और इसके पूर्व में कांग्रेस पार्टी के सदस्य और नेहरू केबिनेट में मंत्री के पद पर बने रहे तथा मोरारजी देसाई के संरक्षण और नेतृत्व में एक नयी सरकार का उदय हुआ। इस सरकार का कार्यकाल ज्यादा समय तक नहीं रहा यह सरकार मात्र तीन साल तक बनी रही, उसके पश्चात सन 1980 में फिर से चुनाव हुए और इस बार यह चुनाव जीतकर फिर से नयी प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी बन गयी। संन 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या करदी गयी और प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जी हत्या के बाद में उनके पुत्र राजीव गाँधी कांग्रेस पार्टी के नए नेता बन गए और साथ ही प्रधानमन्त्री भी बन गए।

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  • संन 1984 में हुए चुनाव में शानदार और जबरदस्त जीत हासिल की और इस जीत के पश्चात सन 1989 में नव उदय भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में चलने वाली सभी राष्ट्रीय मोर्चो ने वाम मोर्चो में बाहरी सहयोग और समर्थन के चलते अपनी सरकार बना ली। लकिन यह सरकार भी जयदा नहीं चली केवल और केवल दो वर्ष तक ये सरकार चली। इसके पश्चात संन 1991 में हुए चुनावो में किसी भी पार्टी को कोई बहुमत नहीं मिला लकिन , कांग्रेस पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आयी और एक बहुत बड़ी पार्टी कांग्रेस पार्टी बन गयी। तथा पी. वी. नरसिंहराव के नेतृत्व में एक अल्पमत सरकार बनायीं गयी परन्तु ये सरकार ये सरकार अपना कार्यकाल पूर्ण करने में कामयाब और सफल रही।संन 1996 में हुए चुनावो के बाद लगभग दो वर्ष तक भारत की राजनीती में उथल पुथल होती रही 

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  • इस उथल पुथल के वक्त में बहुत साडी नयी ने पार्टिया आयी बनी और चली गयी कोई भी लम्बे समय तक नहीं बनी रह पायी। सन 19996 में ब्ज्पयी की भाजपा ने केवल और केवल 13 दिन के लिए ही अपनी सरकार बनायीं परन्त्तु इसको समर्थन नहीं मिलने के कारण भाजपा सरकार टूट गयी इनकी सरकार भी चली गयी। परन्तु इसके पश्चात दो संयुक्त मोर्चो की सरकार बनी ये सरकार कुछ लम्बे समय तक शाशन में बानी रही और अपना कार्यकाल चलाया। ये सभी सरकारे कांग्रेस पार्टी के बहरी समर्थन से बनाई गयी थी। इसके पश्चात सन 1998 फिर से चुनाव हुए और इस चुनाव के बाद बीजेपी की भारतीय जनता पार्टी में सफल गठबंधन हुआ और इसका परिणाम यह हुआ की एक सफल गठबंधन भाजपा बना पायी।

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  • भारतीय जनता पार्टी के श्रीमान अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में जनतांत्रिक गठबंधन जिसे हम राजग या फिर एनडीए के नाम से बने इस संघटन की सरकार ने अपना कार्यकाल सफल रूप से पुरे पांच वर्षो तक चलाया और पूरा भी किया इस प्रकार के ना की यह पहली गठबंधन की सरकार थी। सन 2004 के चुनावों में एक बारफिर से कोई भी किसी भी पार्टी को बहुतमत प्राप्त नहीं हुआ परन्तु एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आ गयी। और कांग्रेस पार्टी ने भी एक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन जिसको हम संप्रग या फिर यूपीए के नाम से जानते है। इसके नाम से एक न्य गठबंधन बनाया, तथा इस ना गठबधन (संप्रग, या यूपीए) ने गैर भाजपा सांसदों और वामपंथी के सहयोग और समर्थन से श्रीमान मनमोहन सिंह के पुरे पांच वर्ष का  कार्यकाल पूर्ण किया और शासन किया ।

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  • इसके पश्चात सन 2009 में हुए चुनावो में यूपीए सरकार और अधिक सीटें जीत ली जिसका परिणाम ये हुआ की इस बार ये साम्यवादी दलों के बाहरी सहयोग के बिना ही अपनी सरकार को कायम रखने और बनाने में पूर्ण रूप से सफल रही। इसी वर्ष प्रधानमत्री मनमोहन सिंह जवाहरलाल नेहरू के पश्चात पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो की लगातार पांच वर्षो तक दो बार अपना कार्यकाल पूर्ण करने में सफल रहे और उन्हें ये अवसर प्राप्त हुआ सन 2014 में हुए चुनावों में संन 1984 के बाद में पहली बार किसी राजनीतिक पार्टी को पूर्ण बहुमत प्राप्त होकर सरकार बनी तथा बीजेपी ने भारत के गुजरात राज्य के पूर्व प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के सहयोग समर्थन और नेतृत्व में भाजपा की नयी सरकार बनायी जो अभी तक अपनी सरकार बनाई हुई है और शासन चला रही है।
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